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BPNLIVE

अब ऑडिट रिपोर्ट भी 15 अक्टूबर तक हो सकेगी जमा

सीबीडीटी ने किया ऐलान, ट्वीट कर दी जानकारी


नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। इनकम टैक्स विभाग ने कहा है कि सीबीडीटी ने इनकम टैक्स रिटर्न और ऑडिट रिपोर्ट के लिए तारीख को 30 सितंबर से आगे बढ़ा दिया है। विभाग ने फैसला किया है कि अब करदाता 15 अक्टूबर 2018 तक ये काम कर सकेंगे। आयकर विभाग ने एक ट्विट कर ये जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2018-19 के लिए जो भी असेसी 30 सितंबर तक आईटीआर भरने के लिए पात्र हैं उनको ये सुविधा मिलेगी। ट्विट में कहा गया है कि आईटी एक्ट 234 के तहत ब्याज भरना होगा।

सीबीडीटी ने कहा कि लोगों की मांग के कारण उन्होंने तारीख को बढ़ाया है। कई लोगों ने तारीख बढ़ाने की मांग की थी। ये तारीख सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए बढ़ी है जिनको ऑडिट करवाना जरूरी है। तारीख बढऩे से कई कारोबारियों और कंपनियों को राहत मिलेगी। टैक्स ऑडिट करने वालों की तारीख 30 सितंबर 2018 रिटर्न भरने की आखिरी तारीख थी।

 

कंपनियों को मिली राहत

इनकम टैक्स विभाग के इस कदम से कंपनियों और पार्टनरशिप फर्म के लिए राहत होगी। अब उनको जीएसटी के साथ अपनी बिक्री के आंकड़े मिलान करने और इनडारेक्ट टैक्स जोडऩे में आसाना होगी। जीएसटी आने के बाद एसेसी पहली बार अपने रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। अगर आपका कोई बचा हुआ टैक्स है तो उसे आपको 30 सितंबर तक ही भरना होगा। अगर इसके बाद टैक्स भरा तो आपको ब्याज देना होगा। टैक्स रिटर्न भरने के लिए आम लोगों के लिए ये तारीख पहले ही 31 अगस्त 2018 को खत्म हो चुकी है। सरकार ने आम लोगों के लिए भी टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 31 जुलाई 2018 से 1 महीना बढ़ाई थी। बाद में केरल की बाढ़ के कारण वहां टैक्स रिटर्न की तारीख बढ़ाई गई थी।

 

वित्त मंत्रालय-सीबीडीटी से की थी मांग

जानकारों के मुताबिक इस बार इनकम टैक्स विभाग ने जरूरी फॉर्म जारी करने में देरी की थी। इस कारण कंपनियों को दिक्कत हो रही थी। विभाग को जानकारी नए फॉर्म के हिसाब से ही चाहिए थी। सीए से जुड़ी कई संस्थाओं ने इनकम टैक्स रिटर्न और ऑडिट की तारीख बढ़ाने की मांग वित्त मंत्रालय, इनकम टैक्स विभाग और सीबीडीटी की थी। साल 2018-19 के लिए सरकार ने 11.5 लाख करोड़ रुपए के इनडारेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य रखा है। पिछले साल सरकार को इससे 10 लाख करोड़ की आय हुई थी। सीबीडीटी ने इससे पहले कहा था कि देश में सैलेराइड टैक्सपेयर्स की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। 31 अगस्त 2018 तक इनकी संख्या 71 फीसदी बढ़कर 5.42 करोड़ पर पहुंच गई। आम लोग और जिन्हें अपना ऑडिट नहीं करवाना है ऐसे टैक्सपेयर्स को वित्तवर्ष 2017-18 के लिए 31 अगस्त तक रिटर्न भरना था।

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