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BPNLIVE

नशे में ड्राइविंग के बढ़ते मामलों से निजात पाने के लिए सरकार की कोशिश 

देश में यह योजना लाने वाला बनेगा पहला राज्य

विक्रेता को आधार कार्ड के जरिए करनी होगी खरीददारी की पहचान

 

मुंबई। नशे में ड्राइविंग के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार शराब की होम डिलेवरी की योजना बना रही है। अगर ऐसा हुआ तो महाराष्ट्र ऐसा करने वाले देश का पहला राज्य होगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह कदम शराब इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ई कॉमर्स कंपनियां देश में काम करती हैं शराब की होम डिलेवरी का तंत्र भी उसी तरह काम करेगा। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहाजिस तरह से लोगों को ग्रॉसरी और सब्जियां घर पर मिलती हैं उसी तरह शराब भी मिलेगी।

बावनकुले ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे कि जिन्होंने शराब ऑर्डर की है वह शराब पीने के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को पूरा करते हैं या नहीं। शराब विक्रेता को आधार नंबर के जरिए खरीददार की पहचान करनी होगी। रिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने यह भी कहा कि बोतलों पर जियो टैग (किसी वस्तु के स्थान का पता लगाने के लिए तंत्र) स्थापित किया जाएगा।

 

बोतल को किया जा सकेगा ट्रैक

रिपोर्ट के अनुसार बावनकुले ने कहाटैगिंग बोतल के ढक्कन पर की जाएगी। हम मैन्युफैक्चरर से लेकर ग्राहक तक बोतल को ट्रैक कर सकते हैं। यह नकली शराब और तस्करी की बिक्री को रोकने में मदद करेगा। दरअसलनेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 में सभी सड़क दुर्घटनाओं में से 1.5 फीसदी के लिए नशे में ड्राइविंग जिम्मेदार थी। ऐसी घटनाओं में मौत की भी सबसे ज्यादा संख्या थी। तेजी और लापरवाही से वाहन चलाने में हुई दुर्घटनाओं में जहां 30 फीसदी और 33 फीसदी लोगों की मौत हुईवहीं नेश में ड्राइविंग में हुई दुर्घटना में 42 फीसदी की मौत हुई थी।

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