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BPNLIVE

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना

कहा, प्रदेश में बजरी माफिया सक्रिय, जनता नहीं बना पा रही मकान

 

जयपुर। एआईसीसी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को सीएम वसुंधरा राजे के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि हमेशा भाजपा सरकार मुद्दों से जनता को भटकाती है और आरोप लगाने नेहरू-गांधी परिवार पर पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौसमी बीमारियों से इस साल 232 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार अपनी गौरव यात्रा में मस्त है।

गहलोत ने प्रदेश की बीजेपी सरकार और खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा का जिम्मा सरकार का होता है। प्रदेश की मुखिया और मंत्री जनता को छोड़कर चुनाव जीतने की जुगाड़ में लगे हुए हैं। प्रदेश में मौसमी बीमारियों से 232 लोगों की मौत हो चुकी है। यह शर्मनाक है। गहलोत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि छोटी-छोटी बच्चियों का शोषण हो रहा है लेकिन सरकार कुछ कर नहीं पा रही है। जयपुर में बजरी के अवैध परिवहन को लेकर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर भी गहलोत ने सरकार पर जमकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश अवैध खनन की मंडी बन गया है। बजरी माफिया को साल भर से छूट दी जा रही है। बजरी इतनी महंगी हो चुकी है कि लोग घर नहीं बना पा रहे हैं क्योंकि पैसों की जमकर बंदरबांट हो रही है।

  

जनता से ध्यान भटकाने की कोशिश

गहलोत ने सीएम वसुंधरा राजे के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि हमेशा भाजपा सरकार मुद्दों से जनता को भटकाती है और आरोप लगाने नेहरू-गांधी परिवार पर पहुंच जाती है। दरअसल, रविवार को सीएम राजे ने कहा था कि भाजपा का रिमोट कार्यकर्ताओं के पास है, जबकि कांग्रेस का गांधी परिवार के पास। इन आरोपों का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि वसुंधरा सरकार को चाहिये कि भाजपा सरकार की उपलब्धियों की बात करें, ना कि नेहरू-गांधी खानदान की बात करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजे को 15 लाख रोजगार देने का हिसाब देना चाहिए। गहलोत ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मंत्रालयिक कर्मचारी सभी कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले गए और सीएम राजे आचार संहिता लगने का इंतजार करती रही है। जबकि सीएम राजे को बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सीएम राजे के साथ लोगों का अब व्यक्तिगत आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के मंत्री और विधायक और कार्यकर्ता सिर्फ चुनाव जीतने का जुगाड़ कर रहे है। यह सरकार पीपीपी मोड पर चल रही थी और पीपीपी मोड पर इस सरकार का अंत होगा।

 

 

सरकार ने दे रखी है छूट

राजधानी में पुलिसवालों की अवैध बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत और वसूली का खेल उजागर होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि यह खेल तो अभी उजागर हुआ है, लेकिन पिछले एक साल से अवैध खनन माफियाओं के साथ भाजपा सरकार का खेल चल रहा था और वसुंधरा सरकार ने ही अवैध वसूली की छूट दे रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 हजार रुपये का बजरी का ट्रक 30 से 40 हजार रुपये मिल रहा है, इसके पीछे राज्य सरकार ही दोषी है। गहलोत ने कहा कि पिछले दिनों धौलपुर में पुलिस और बजरी माफिया के बीच मुठभेड़ हुई। बजरी माफियाओं को रोका तो फायरिंग करते हुए पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया गया। वहीं दौसा में भी अवैध खनन रोकने गई टीम को बंधक बनाकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।


 

गेम तो शुरू होने दो

राजस्थान में कांग्रेस की तरफ से सीएम का चेहरा कौन होगा, इस सवाल पर गहलोत की तरफ से पिछले दिनों बयान दिया गया था कि कौन बनेगा करोड़पति में कौन करोड़पति बनेगा, यह पहले से पता होता है क्या। वहीं सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पूछा गया कि कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर कौन बैठेगा, तो इस सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि अभी गेम तो शुरू होने दो, पता चल जायेगा, कौन हॉट सीट पर बैठेगा। वहीं उन्होंने भाजपा को भी इसी मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा में सीएम वसुंधरा राजे का चेहरा सामने रखकर चुनाव लडऩे की बात हुई, अब उनका चेहरा गायब हो गया है और कमल का फूल सामने रखकर चुनाव लडऩे की बात हो रही है। ये जो भ्रम है, इसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को स्पष्ट करना चाहिए ।

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