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राजस्थान दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष

कल सीकर में महासंकल्प रैली को करेंगे संबोधित

 

जयपुर। राजस्थान के रण में अब कांग्रेस राहुल मैजिक के भरोसे अपने पुराने गढ़ों पर फिर से काबिज होने की तैयारी कर रही है। कल सीकर में होने वाली महासंकल्प रैली में राहुल की मौजूदगी कई मायनों में कांग्रेस के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। जाटों की नाराजगी, सत्ता विरोधी लहर पर सवार कांग्रेस यहां अपने अच्छे दिनों की वापसी के इंतजार में है।

शेखावाटी में सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिले की 21 सीटें शामिल हैं। मोदी लहर पर सवार बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनावों में इनमें से 12 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि कांग्रेस महज 4 पर सिमट गई। जबकि यह इलाका कांग्रेस का पुराना गढ़ रहा है लेकिन मोदी लहर के बल पर बीजेपी ने यहां ऐतिहासिक सफलता हासिल की।

 


- शेखावाटी की 21 सीटों में से 12 पर बीजेपी का कब्जा

- सीकर की 8 में से 5 सीटें बीजेपी के खाते में

- चूरू की 6 में से 4 और झुंझुनूं की 7 में से 3 सीटें बीजेपी के पास

- कांग्रेस चूरू में सिर्फ एक तथा सीकर-झुंझुनूं में दो-दो सीटों पर सिमटी

 

 

गुटबंदी पर करना होगा काबू

पिछले 5 सालों में शेखावाटी का महौल फिर बदला है। परंपरागत रूप से सत्ता से नाराज रहने वाला जाट समाज इस बार बीजेपी के खिलाफ आंदोलनरत है। यही कारण है कि वर्तमान बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदेश के बड़े किसान आंदोलन सीकर में ही हुए हैं। इसके अलावा सत्ता विरोधी माहौल भी कांग्रेस की स्थिति मजबूत कर रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस यहां राहुल गांधी की रैली के माध्यम से राजनीतिक माहौल अपने पक्ष में मोडऩे की कोशिश कर रही है। शेखावाटी में इस बार कांग्रेस की राह आसान दिखाई दे रही है। जाट बैल्ट में बीजेपी का जबर्दस्त विरोध है लेकिन कांग्रेस में अंदरखाने एक बार फिर गुटबंदी तेज होने लगी है। यदि कांग्रेस यहां अपनी धड़ेबंदी पर काबू पाने में कामयाब रही तो चुनावी सफर आसान हो सकता है।

 


- पिछले चुनावों में बगावत ने हरवाईं कांग्रेस को 4 सीटें

- बसपा का बढ़ता जनाधार भी कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब

- 2013 में दो सीट जीतने वाली बसपा की नजर इस बार 4 सीटों पर

- जाट-एससी-मुस्लिम समीकरण कांग्रेस को कर रहा मजबूत

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