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BPNLIVE

उद्यमी प्रिया जैन ने शुरू की अनुकरणीय पहल

आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की समाज के निचले तबके तक पहुंचाएंगी जानकारी

 

जयपुर। सामाजिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई अनुकरणीय पहल के लिए जानी जाने वालीं दार्शनिक और उद्यमी प्रिया जैन ने हाल ही में स्वास्थ्य के लिए समर्पित एक और अभियान में भागीदारी की है। प्रिया जैन ने हाल ही में एक जागरुकता अभियान को शुरू किया, जो देशभर में जरूरतमंद और गरीब लोगों को आयुष्मान भारत और ऐसी ही अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के लाभों से लाभान्वित करने में मदद कर रहा है।

अभियान का लक्ष्य विभिन्न स्वास्थ्य कल्याण योजनाओं के बारे में समाज के गरीब तबके जानकारी उपलब्ध करवाना है। अपनी इस अभिनव पहल की प्रेरणा के बारे में प्रिया जैन का कहना है कि कुछ समय पहले जयपुर यात्रा के दौरान उन्होंने अपने शिशु के साथ एक बेहद गरीब महिला को देखा, वह रैड लाइट पर किताबें बेच रही थी। उसका बच्चा काफी कमजोर और लगभग कुपोषित स्थिति में था। उसके परिवार के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसका एक बेटा और था लेकिन दवा खरीदने के लिए पैसे नहीं होने के कारण इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। उसकी इस बात ने मुझे अंदर तक हिला दिया। हालांकि शहर में इस तरह की घटना नई नहीं है लेकिन किसी को चिकित्सीय देखरेख और उपचार नहीं मिलना, कोई अच्छी बात नहीं है। दरअसल, देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें सरकार द्वारा गरीबों के हित में चलाई जा रही उन योजनाओं के बारे में सही जानकारी ही नहीं है, जिसमें नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। यही कारण है कि मैने समाज के इस तबके को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरुक करने का बीड़ा उठाया है।

 

टीयर-2 श्रेणी के शहरों पर फोकस

प्रिया द्वारा इस अभियान को शहरी और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया गया है, विशेष रूप से टीयर-2 श्रेणी के शहरों में। इस मुद्दे पर प्रिया का कहना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण हालातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने का जो बीड़ा उठाया है, वह सराहनीय है। हाल ही में उन्होंने आयुष्मान भारत अभियान की झारखंड से शुरूआत की। इस योजना में देशभर के करीब 10 करोड़ परिवारों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। निश्चित रूप से इस योजना के क्रियान्वयन में प्रारंभ में परेशानियां आएंगी लेकिन देश के हर नागरिक, सामाजि संगठन, एनजीओ और निजी अस्पतालों को इस योजना को अमलीजामा पहनाने में मदद करनी चाहिए।

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