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आज से प्रतिदिन जयपुर की सभी विधानसभा सीटों का विश्लेषण जानिए पॉलिटिकल एडिटर की कलम से  

मंथन : 1 विधानसभा क्षेत्र - विद्याधर नगर
जयपुर। राजधानी जयपुर की विद्याधर नगर सीट से जुड़ा है पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत का नाम। जब वे राजस्थान की राजनीति में सक्रिय थे तो पूरा राजस्थान एक ही नारा लगाता था, राजस्थान का एक ही सिंह- भैरोसिंह-भैरोसिंह। आज उनके नाम की सीट पर जमकर बवाल हो रहा है। 
वे हैं नहीं, लेकिन उनकी आत्मा जरूर देख रही होगी कि जिनके लिए वे सबकुछ दांव पर लगा गए, उन्होंने अपने क्षेत्र में ऐसा क्या कर दिया जिसके कारण यह नौबत आ गई। 
भाजपा ने विद्याधर नगर से स्व. भैरोसिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने पूर्व में चुनाव लड़े विक्रम सिंह शेखावत का टिकट काट दिया है। दोनों ही एंगल से बवाल तेज हो गया है। 
राजवी का क्षेत्र में खासा विरोध है। यहां स्थानीय भाजपा व सामाजिक कार्यकर्ता चाहते थे कि सूरज सोनी काे टिकट मिले। वहीं स्थानीय कांग्रेसी विक्रम सिंह को मैदान में देखना चाहते थे, लेकिन दोनों ही दलों ने ऐसा नहीं किया। 
सूरज को आग उगलना ही था और विक्रम को बेताल। वही हुआ जिसका आभास दोनों के कार्यकर्ता दिला रहे थे। 
यूं भड़का विद्रोह 
कांग्रेस का टिकट छिनते ही विक्रम सिंह ने तुरंत ही फैसला सुना दिया कि वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अब सड़क पर हुजूम इकट्‌ठा कर जता भी दिया कि आम कार्यकर्ता किसके साथ है। 
इधर भाजपा में सूरज सोनी पहले शांति से कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे, लेकिन अब सूरज की आग भड़क चुकी है। अब यहां के स्थानीय कार्यकर्ता नहीं चाहते कि सूरज सोनी इस बार मैदान छोड़कर बैठ जाएं। पिछले चुनाव में भी सूरज सोनी को टिकट से वंचित रखा गया था। हालांकि तब चुनाव पूर्व ही लग गया था कि मोदी लहर में भाजपा की सरकार तय है और राजवी का जीतना भी। परंतु इस बार सरकार किसी की भी बने, लोगों का कहना है कि राजवी फिर से विधानसभा नहीं पहुंच पाएंगे। 
यह है वास्तविक स्थिति
विक्रम सिंह कांग्रेस के पुराने दिग्गज नेता हैं। वे यहां से पार्टी के सबसे ताकतवर दावेदार माने जा रहे थे। पिछला चुनाव हारने के बाद से भी वे लगातार कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहे। अब यहां के कांग्रेस के वोटर्स और कार्यकर्ता पार्टी के फैसले के खिलाफ जा सकते हैं। कांग्रेस के लिए यह सीट अब असंभव सी हो गई है। 
वहीं भाजपा में भी बगावत के सुर बढ़ गए हैं। यहां सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाने वाले सूरज सोनी भी चुनाव लड़ने का मानस बना चुके हैं। सूरज सोनी जयपुर में रहते हुए हर रोज जनसमस्या निवारण के लिए जनसुनवाई करते हैं। वे क्षेत्र ही नहीं जयपुर के किसी भी कोने में किसी को परेशानी हो तो भी पहुंच जाते हैं। लोगों के काम के प्रति हर संभव प्रयास करते रहे हैं। ऐसे में वे क्षेत्र में खासे लोकप्रिय भी हैं। मीडिया में भी वे लगातार बने रहते हैं। ऐसे में भाजपा को उनका विरोध बहुत भारी पड़ने वाला है। 
स्थानीय मतदाताओं की मानें तो विद्याधर नगर में अब लड़ाई भाजपा और कांग्रेस की नहीं, बल्कि सूरज और विक्रम के बीच की बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यह भी संभव है कि भाजपा और कांग्रेस तीसरे और चौथे नंबर पर खिसक जाए। अभी नामांकन दाखिल करने में एक दिन का समय शेष है। ऐसे में दोनों दल अंतिम समय क्या कुछ बदलाव करती हैं, इसी पर निर्भर करेगा कि इस सीट का कौन नेता विधानसभा में जाकर शपथ लेगा।

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