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BPNLIVE

-बनते ही बिगडऩे लगी प्रदेश में तीसरे मोर्चे की ताल
आपसी सहमति के बाद भी कई स्थानों पर विवाद के हालात
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 बीजेपी और कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने का संकल्प लेकर एक साथ आई भारत वाहिनी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी में क्या अभी से दरारें सामने आने लगी हैं? हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि दोनों दलों ने आपसी सहमति से सीटों पर अपने प्रत्याशी तय करने का आह्वान किया था लेकिन नामांकन के बाद अब करीब दो दर्जन सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं।
प्रदेश में मजबूत तीसरे मोर्चे की संकल्पना को साकार करने के लिये घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी और हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी एक जाजम पर आये थे। बीजेपी और कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने के लिये दोनों दलों ने गठबंधन करते हुए प्रदेश में एकजुट होकर चुनाव लडऩे का ऐलान किया था। 29 अक्टूबर को जयपुर में हुई किसान हुंकार महारैली में दोनों दलों के नेताओं ने कहा था कि वे आपसी सहमति से प्रदेश की सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे और यह तय करेंगे कि दोनों दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे को नुकसान ना पहुंचायें, लेकिन अब नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। भारत वाहिनी पार्टी प्रदेश में केवल 75 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी केवल 68 सीटों पर प्रत्याशियों से नामांकन दाखिल करवाये हैं। इनमें से भी जब दो दर्जन सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हो रहे हैं तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या तीसरा विकल्प होने का दावा कर रहे इस गठबंधन में सब कुछ ठीक चल रहा है?
दो दर्जन सीटों पर विवाद
प्रदेश की करीब दो दर्जन सीटें ऐसी हैं जिन पर भारत वाहिनी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी दोनों ही दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। यानी इन सीटों पर इन दोनों दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या गठबंधन में सब कुछ सही है या फिर चुनाव से पहले ही गठबंधन में कहीं कुछ दरार तो नहीं आ गई है? हालांकि इस मामले में भारत वाहिनी पार्टी के अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी का कहना है कि केवल सात से आठ सीटें ऐसी हैं जिन पर दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों द्वारा पर्चा भरा गया है। जबकि दोनों दलों द्वारा जारी प्रत्याशियों की सूची अगर देखी जाये तो यह आंकड़ा 27 का बैठ रहा है और नामांकन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद वैध नामांकन पत्रों की सूची अगर देखी जाये तो 24 सीटें ऐसी हैं जिन पर दोनों दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि तिवाड़ी कहते हैं कि कुछ सीटों पर रणनीति के तहत ही दोनों पार्टियों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरेंगे। इन प्रत्याशियों में से करीब 10 प्रत्याशी ऐसे हैं भी हैं जिन्होंने निर्दलीय के तौर पर भी अपना नामांकन दाखिल किया है। 
 

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